समाज में दो तरीके के लोग रहते है , एक की ये Covid कुछ नहीं है , media hype है ,और ये एक साधारण सा बुखार है। और दूसरे ऐसे होते है जो covid के वजहसे घर में ही बैठे है। आज Dr . Supriya Puranik covid journey इसलिए शेयर कर रही है ताकि लोगोको पता चले की इसकी seriousness क्या है।
23 जुलाई को डॉक्टर सुबह डॉ. को यह Covid के लक्षण दिखे
१. थकान महसूस होना।
२. शरीर पे रोमेटे आना,
3. सिर दर्द होना
पर बुखार , गले में खराश या छींक आना , loosemotions , उल्टी आना , पेट दर्द होना , smell and taste का समझना ये कोई भी बाकी सारे Covid के लक्षण नहीं दिखाई दिए, फिर भी डॉक्टर हॉस्पिटल में गयी।
Covid Test
पहले Swab Test किया जाता है। उस Swab Test में पहले Rapid Antigen Test किया जाता है, जिसका 15 मीन नतीजा बाद आता है। कभी कभी Rapid Antigen Test का नतीजा false positive या false negative भी आ सकता है। इसलिए RT-PCR swab test की जाती है , जिसका नतीजा ८ घंटे में मिलता है। दोनों टेस्ट्स में Dr. Supriya में positive थी।
Covid-19 के diagnosis केलिए टेस्ट100% accurate नहीं है। पर Rapid Antigen Test मे कभी कभी संक्रमण रहने के बावजूद भी , report negative दर्शाता है। RT- PCR test में 90% लोगोंमें सही accuracy बताई जाती है। लेकिन Swab लेनेके तरीके पर भी test का positive या negative होना निर्भर करता है।
कोई भी abnormal symptom दिखाई देता है तो जल्द से जल्द हस्पताल में जाके covid test करनी ही है। क्योकि covid diagnosis जब जल्दी हो तब डॉक्टर्स अच्छी तरह से treatment कर सकते है और उससे होने वाले नुक्सान से बच सकते है।
Covid test positive के बाद बोहोत सारी investigations करनी पड़ती है। 80% लोगो में covid symptoms ना के बराबर भी हो सकते है। इन 80 % लोगोकी इम्यूनिटी अच्छी रहती है, lifestyle अच्छी रहती है , इसलिए उनपे covid का कोई भी असर नहीं दिखाई देता।
10 – 15 % लोग रहते है , उनमें थोड़े लक्षण जरूर दिखाई देते है। उसकेलिये शायद उनको हॉस्पिटल में admit होने की जरुरत पड़ सकती है जैसे की सास लेने तकलीफ , lung में थोड़ा सा patch आ जाना। लेकिन वो भी थोडीसी treatment से ठीक हो जाते है।
लेकिन जो 5 % लोग रहते है , जिनको comorbidities रहती है , यनेकी diabetes , heart disease , जिनकी immunity कम रहती है। इन सारे मरीजों को ICU में भर्ती करना पड़ता है और उनको higher level की treatment देनी पड़ती है।
लेकिन ये जो 80% लोग है जो covid test नहीं करते, वो अपने संक्रमण द्वारा दुसरो में संक्रमण फैला सकते है और ये संक्रमण 5 % लोगो को होने की ज्यादा संभावना रहती है और उनके लिए ये जानलेवा हो सकता है।
Covid शरीर को कैसे नुक्सान पोहोचता है ?
जब Covid हो जाता है तब :
1. Blood vessels में clotting दिखाई देती है और इस्से शरीर के organ का काम बिघड जाता है।
2. शरीर में inflammatory changes और impaired immune response होने लगता है जिसके mouth ulcers हो जाते है और बोहोत सारे नतीजे inflammation के वजेसे होते है।
Investigations करना बोहोत जरुरी है इस्से पता चलता है की micro clotting और inflammation के रिस्क हो सकते है या नहीं क्योकि इससे खतरा बढ़ जाता है।
Covid test के बाद investigations
-For checking blood clotting risk
1. Hemogram
2. WBC
3. D-Dimer
4. Platelet Count
– For checking inflammatory response ( सूजन होने chances है क्या ? )
1. Interleukin 6
2. LDH
3. Ferritin
4. ESR
5. C- Reactive Protein (CRP )
जब D-Dimer तीन गुना ज्यादा रहता है , तब हमे क्लॉटिंग की रिस्क रहती है और इसके लिए blood thinner injections दिए जाते है। Dr. supriya मामले में ये सारे reports नार्मल थे। सिर्फ interleukin थोड़ा ज्यादा था जिसका मतलब था की inflammation सम्भावना इसलिए डॉक्टर को steroids की दवाइया दी गयी ताकि सूजन कम हो। और 2-3 दिन observation में रखा।
इसके साथ ही साथ Covid infection में सांस लेने में दिख्खत होती हैऔर फेफड़ो पे धब्बे आ जाते है, अंदर इन्फेक्शन हो जाता है मतलब damage होने की शुरुवात हो जाती है।
-तो उसकी जानकारी लेने केलिए oxygen saturation किया जाता है। ये oxygen saturation 92 से निचे होता है तब hospitalise करते है और Oxygen therepy दी जाती है।
– उसके साथ patients के chest का thorax का HRCT करते है । जिसपे देखा जाता है की lungs पे patches है क्या ?
जब ये दोनों investigations clear results देते है तब patients को 14 दिन Home Quarantine किया जाता है। Dr. Supriya को भी Home Quarantine किया गया था।
14 दिन Home Quarantine के साथ साथ covid treatment दी जाती है। लेकिन वास्तविक में Covid की कोई treatment नहीं है। Covid treatment Covid के complications से बचने केलिए दी जाती है।
Treatment for Covid
1. immunity boost करने के लिए Vitamin C की गोलिया
2. Zinc containing the multivitamin drug.
3 . क्योकि डॉ के मामले में inflamatory markers high थे
Inflamation से बचने के लिए steriods दिए गए।
3. Healthy diet
4. keeping hydrated
जैसे की हमे पता है की covid के लिए antiviral drug नहीं है। पर precations के तौर पर Broad spectural antiviral drug देते है। बिच-बिच में डॉक्टर्स टेस्ट करते है। 17 दिन पे डॉक्टर को हस्पताल join करने की अनुमति दी। ३ हफ्ते बाद डॉक्टर की antibody test की।
Covid का संक्रमण हमारे साथ बोहोत दिन रहेगा। इसलिए हमें जब vaccine आये तभी standard precautions लेने है (Social distancing , mask & sanitize ). हमेशा immunity बनायीं रखनी है ऐसी बोहोत सारे उपाय डॉ ने बताये है। डॉ. Supriya puranik ने positive attitude के साथ corona से fight किया और आज सबकी दुआओ के कारन वह स्वस्थ है।
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