Learn about Seniors Over 60: Top 3 Vitamins To Use Daily For Stronger Legs, Improves Balance #drjavaidkhan #healthwellnesspharmacist
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This video is for general informational purposes only. It should not be used to self-diagnose and it is not a substitute for a medical exam, cure, treatment, diagnosis, and prescription or recommendation. It does not create a doctor-patient relationship between Dr. Javaid Khan RPh and you. You should not make any change in your health regimen or diet before consulting a physician and obtaining a medical exam, diagnosis, and recommendation. Always seek the advice of a physician or other qualified health provider with any questions you may have regarding a medical condition.

अस्सलाम वालेकुम। कभी सोचा है आपकी टांगे कमजोर क्यों हो रही है? अक्सर लोग समझते हैं कि यह सिर्फ उम्र का असर है। लेकिन असल वजह कुछ और होती है। हकीकत यह है कि जिस्म में तीन जरूरी विटामिंस की कमी होती है। और यही कमी टांगों की ताकत आहिस्ता-आहिस्ता खत्म करती है। यह विटामिंस नेचुरल है, सस्ते हैं और साइंस के मुताबिक अगर इनमें से सिर्फ एक भी कम हो तो 60 साल के बाद गिरने का खतरा तीन गुना बढ़ जाता है। मसल्स को रिकवर होने में ज्यादा वक्त लगता है और रात के वक्त क्रैंप्स भी बढ़ जाते हैं। अब रिसर्च यह कहती है कि अगर बुजुर्ग लोग रात को सोने से पहले कुछ खास विटामिंस लें तो उनका बैलेंस बेहतर होता है। टांगों का दर्द कम होता है और मसल्स तेजी से रिकवर होते हैं। यह सब बातें साइंस से साबित हैं और आप खुद भी इनके रिजल्ट्स महसूस कर सकते हैं। आज मैं आपको टॉप के तीन विटामिंस के बारे में बताने वाला हूं जो 60 साल के बाद हर शख्स के लिए जरूरी है। खासकर उन बुजुर्गों के लिए जो टांगों की कमजोरी, दर्द या चलने में मुश्किल महसूस करते हैं। रिसर्च के मुताबिक इन विटामिन से ताकत 30% तक बढ़ सकती है। मसल्स जल्दी रिकवर करते हैं और आसाबी कमजोरी खत्म होती है। याद रखिए जब तक जिस्म में इन विटामिंस की कमी पूरी नहीं होती टांगे मजबूत नहीं बन सकती। इसलिए अगर आप चाहते हैं कि चलना फिरना आसान हो, टांगों का दर्द कम हो और नींद के दौरान जिस्म खुद को रिपेयर कर सके तो इन विटामिंस को रात के वक्त लेना सबसे बेहतर तरीका है। तो चलिए बिना देर किए जानते हैं इन विटामिंस की पूरी डिटेल। नंबर वन विटामिन डी3। विटामिन डी3 एक ऐसा विटामिन है जो दो हफ्तों में टांगों की कमजोरी दूर कर सकता है और पट्ठों को मजबूत बना सकता है। यह सिर्फ हड्डियों के लिए नहीं बल्कि मसल्स और टांगों के लिए भी जरूरी विटामिन है। खासकर उन लोगों के लिए जो 50 या 60 साल से ऊपर के हैं। जब डी3 की कमी होती है तो टांगे कमजोर होती हैं। जिस्म में दर्द रहता है और चलते वक्त बैलेंस कम हो जाता है। रात को डी3 मसल्स को ताकत देता है और रिपेयर करता है। इसलिए विटामिन D3 सोने से पहले लेना बेहतर है। रिसर्च के मुताबिक 70% लोगों में विटामिन D3 की कमी होती है। जिससे मसल्स रिकवर नहीं करते। दर्द बढ़ता है और गिरने का खतरा बढ़ जाता है। डी3 के बगैर जिस्म नए मसल्स फाइबर्स नहीं बना पाता और पुराने ठीक नहीं हो पाते। इसी हालत को सारकोपीनिया कहते हैं जिसमें उम्र के साथ पट्ठे कम होने लगते हैं। 2020 की रिसर्च के मुताबिक सिर्फ 3 महीने में D3 लेने से गिरने का खतरा 34% कम हो जाता है और टांगों में ताकत 19% बढ़ जाती है। विटामिन डी3 मसल्स के रिसेप्टर्स को एक्टिवेट करता है। जिससे ताकत और बैलेंस दोनों बेहतर होते हैं। यह टांगों के दर्द और खिंचाव को भी कम करता है। D3 थोड़े से हेल्दी फैट जैसे दूध, मक्खन या आलमंड मिल्क के साथ रात को इस्तेमाल करें ताकि वह अच्छे से जजब हो सके। D3 की कमी के लिए इसके टेस्ट के मुताबिक डोज़ लेनी चाहिए। 60 साल के बाद स्किन धूप से D3 बनाने की सलाहियत 75% खो देती है। इसलिए सिर्फ धूप पर भरोसा मत कीजिए। सप्लीमेंट लेना जरूरी हो जाता है। D3 लेने से नींद गहरी होती है क्योंकि यह नर्व्स को सुकून देता है और टांगों में क्रैंप्स को कम करता है। नंबर टू विटामिन K2। सबसे जरूरी विटामिन जो D3 से भी ज्यादा जरूरी है वो विटामिन K2 है। जब 60 साल के बाद घुटने दर्द करें, टांगे कमजोर लगे या चलने में बोझ महसूस हो तो यह K2 की कमी की अलामत है। विटामिन K2 कैल्शियम को सही जगह ले जाता है। यानी हड्डियों तक ले जाता है। जब K2 कम हो तो कैल्शियम गलत जगह जमा होता है। जैसे जॉइंट्स, रगों और पत्थों में जमा होने लगता है। जिससे सख्ती, दर्द और जलन होती है। K2 कैल्शियम को हड्डियों तक पहुंचाता है जिससे हड्डियां मजबूत और पट्ठे सेहतमंद रहते हैं। 2021 की रिसर्च के मुताबिक जिन बुजुर्ग लोगों ने सिर्फ आठ हफ्तों तक K2 लिया उनकी ताकत 21% बढ़ी और बैलेंस 31% बेहतर हुआ। K2 पत्थों के अंदर जींस को एक्टिवेट करता है जिससे ताकत ज्यादा होती है। D3 और K2 एक साथ काम करते हैं। D3 कैल्शियम खून में ले जाता है और K2 उसे हड्डियों तक ले जाता है। अगर K2 कम हो तो वह कैल्शियम सही जगह नहीं जाता। इसलिए कई लोग विटामिन D3 लेने के बावजूद दर्द से बेहतर नहीं होते। K2 सिर्फ हड्डियों के लिए नहीं बल्कि खून की रवानी और शुगर को कंट्रोल करने के लिए भी जरूरी है। यह जिस्म के अंदर एनर्जी का इस्तेमाल बेहतर बनाता है जिससे टांगे मजबूत और हल्का महसूस होती हैं। रात को K2 लेना बेहतर है क्योंकि उस वक्त जिस्म रिपेयर मोड में होता है। K2 आम खुराक में मुश्किल से मिलता है इसलिए सप्लीमेंट लेना जरूरी है। सबसे बेहतर फॉर्म MK7 है जो लंबी देर तक जिस्म में रहता है और रात भर हड्डियों और पट्टों की मरम्मत में मदद करता है। अगर आप D3 ले रहे हैं लेकिन टांगे कमजोर है या घुटनों में दर्द है तो असल वजह K2 की कमी भी हो सकती है। नंबर थ्री विटामिन B12। ज्यादातर लोग विटामिन B12 का नाम तो जानते हैं, लेकिन यह नहीं समझते कि टांगों की ताकत, बैलेंस और रात के वक्त मसल्स का ठीक होने के लिए यह विटामिन कितना जरूरी है। जब जिस्म में B12 की कमी होती है, तो आसाबी कमजोरी होती है। 60 साल के बाद जिस्म खाने से B12 जजब करने की सलाहियत खो देता है। क्योंकि इस उम्र में पेट का हाइड्रोक्लोरिक एसिड कम बनने लगता है। जो B12 जजब करने के लिए जरूरी होता है। इसलिए गोश्त, मछली या अंडे खाने के बावजूद भी जिस्म B12 पूरा नहीं कर पाता। रिसर्च के मुताबिक 60 साल से ऊपर के 43% लोगों में B12 की कमी होती है और उन्हें इसका अंदाजा भी नहीं होता। इसकी अलामात में पैरों में सुनपन, चुभन, जलन या चलने में मुश्किल होना है। B12 से ही नर्व्स का कवर बनता है। जिसे मलिन शीत कहते हैं। और जब यह कमजोर होती है तो दिमाग से टांगों तक सिग्नल सही नहीं जाता। इसलिए विटामिन B12 की कमी से रात के वक्त टांगों में दर्द, झटके और खिंचाव महसूस होता है। रिसर्च के मुताबिक जिनका B12 लेवल कम होता है उनमें गिरने का खतरा 60% ज्यादा होता है और चलने में तीन गुना ज्यादा मुश्किल होती है। B12 लेने का बेहतरीन वक्त रात का होता है क्योंकि सोते हुए जिस्म मसल्स और नर्व्स की रिपेयर करता है और उस वक्त विटामिन B12 इस प्रोसेस को तेज करता है। यह नर्व्स मजबूत करता है। दिमाग को सुकून देता है और नींद गहरी करता है। सबसे बेहतर फॉर्म मिथाइल कोबालमेन में सबलिंग्वुअल टेबलेट है जो जुबान के नीचे रखने से घुल जाती है और सीधा खून में चली जाती है। सिर्फ 10 से 14 दिन तक B12 लेने से मसल्स का कंट्रोल बेहतर होने लगता है। नर्व्स तेज काम करती है और टांगों की ताकत वापस आती है। अगर आपकी टांगे टाइट, नम या भारी महसूस होती हैं या रात को झटके लगते हैं तो यह आपके नर्वस का सिग्नल है कि उन्हें B12 चाहिए जिसके लिए सप्लीमेंट ले सकते हैं। टाइमिंग टू टेक तीनों विटामिनस B12, D3 और K2 अगर सही तरह लिए जाएं तो टांगों की ताकत वापस आनी शुरू हो जाती है। बस फार्म, टाइमिंग और रूटीन ठीक रखने की जरूरत है। विटामिन B12 इसकी बेस्ट फार्म मिथाइल कोबालमिन है। जुबान के नीचे रखने वाले मिले तो ज्यादा बेहतर है। यह सीधा खून में जज्ब होता है। पेट से नहीं गुजरता। जिसकी वजह से फायदा मैक्सिमम होता है। रात को सोने से 30 मिनट पहले बिना खाना खाए ले लें। शुरुआत में रोज 1000 माइक्रो ग्राम लेना काफी है। यह आपकी एनर्जी, बैलेंस और नींद तीनों को बेहतर करता है। विटामिन डी3 यह सॉफ्ट जेल या कैप्सूल फॉर्म में मिलता है। नॉर्मल लोगों में 2000 इंटरनेशनल यूनिट्स रोजाना लेना बेहतर है। क्योंकि D3 फैट्स के साथ जज्ब होता है। इसलिए थोड़ा चीज या कुछ बादाम डिनर के 2 घंटे बाद लेना बेहतर है। आप D3 और B12 दोनों साथ ले सकते हैं। हमेशा विटामिन डी का टेस्ट करा के उसकी डोज़ उसके मुताबिक इस्तेमाल करें। विटामिन K2 इसकी बेस्ट फॉर्म MK7 है जो जिस्म में लंबी देर तक रहती है। रोज 100 से 200 माइक्रो ग्राम लेना काफी है। यह भी रात को थोड़ा फैट्स के साथ लेना चाहिए। अगर आप कैल्शियम लेते हैं तो K2 जरूर शामिल करें ताकि कैल्शियम हड्डियों तक जाए में नहीं। अगर आप कोई और दवा ले रहे हैं तो उन विटामिंस और दवा के बीच में कम से कम एक घंटे का फासला रखें। रात के लिए एक छोटा ट्रे बना लीजिए। तीनों सप्लीमेंट्स एक गिलास पानी और अगर चाहे तो हर्बल चाय यह आपका नाइट रिपीयर रूटीन होगा। कंसिस्टेंसी सबसे जरूरी है। कुछ हफ्तों में फर्क महसूस होगा। दर्द कम, बैलेंस बेहतर और ताकत ज्यादा महसूस होगी। हेल्दी हैबिट्स। अब कुछ छोटी आदतें जो इन विटामिनस के असर को तेज करती हैं। नंबर वन, दिन भर थोड़ा-थोड़ा पानी पिए। हर डेढ़ घंटे में एक गिलास पानी पिए। थोड़ा नींबू या खीरा डाल लें। सोने से एक से दो घंटे पहले पानी पीना बंद कर दें ताकि पेशाब के लिए नींद ना टूटे। जब पानी कम होता है तो खून गाढ़ा हो जाता है और सर्कुलेशन स्लो हो जाती है। इसलिए हाइड्रेशन बहुत जरूरी है। दिन भर मुनासिब पानी पीते रहें। नंबर टू रात का खाना हल्का रखें। अगर डिनर ऑयली या मीठा हो तो जिस्म रात भर डाइजेशन में लगा रहता है। रिपेयर स्लो हो जाता है। डिनर सिंपल रखें। अंडा, ग्रिल, चिकन या सब्जियां डिनर के दो घंटे बाद विटामिनस लें। नंबर थ्री, सोने से पहले थोड़ी मूवमेंट जैसे टांगों को 10 बार सीधा करके उठाएं या एंकल, सर्कल्स करें। 5 मिनट की यह मूवमेंट से खून का बहाव बेहतर होता है और क्रैंप्स कम होते हैं। जब यह तीनों आदतें और तीन विटामिन साथ में मिलते हैं तो जिस्म अंदर से रिपेयर प्रोसेस स्टार्ट करता है। बिना दवाओं के कुदरती तरीकों से जिस्म अपने आप को ठीक करने लगता है। B12 नर्व्स को रिपेयर करता है। D3 मसल्स को मजबूत बनाता है और K2 कैल्शियम को सही जगह ले जाता है। यह सब साइंस से साबित है। सबसे बेहतर वक्त रात सोने से पहले है। यह छोटी सी आदत आपके पांव और ताकत दोनों वापस ला सकती है। चैनल विजिट करने का और वीडियो यहां तक देखने का बहुत शुक्रिया। वीडियो अच्छी लगी हो तो लाइक और शेयर करें और चैनल पर पहली दफा आए हैं तो सब्सक्राइब करें। इंशाल्लाह मुलाकात होगी अगली वीडियो में। अपना ख्याल रखें। अल्लाह हाफिज़।