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This video is for general informational purposes only. It should not be used to self-diagnose and it is not a substitute for a medical exam, cure, treatment, diagnosis, and prescription or recommendation. It does not create a doctor-patient relationship between Dr. Javaid Khan RPh and you. You should not make any change in your health regimen or diet before consulting a physician and obtaining a medical exam, diagnosis, and recommendation. Always seek the advice of a physician or other qualified health provider with any questions you may have regarding a medical condition.

अस्सलाम वालेकुम। आज विटामिन डी3 के बारे में बहुत ही अहम और दिलचस्प बात शेयर करेंगे। विटामिन डी3 की डोज जो हमें आमतौर पर बताई जाती है, वह अक्सर गलत होती है। अक्सर हम समझते हैं कि जो रिकमेंडेड मिकदार है, वह सबके लिए काफी है। मगर एक्चुअल रिसर्च के मुताबिक यह बिल्कुल सही नहीं है। दुनिया में आमतौर पर 600 यूनिट्स विटामिन डी3 रोजाना लेने का मशवरा दिया जाता है और इसी को स्टैंडर्ड माना जाता है। लेकिन जब माहरीन ने रिसर्च की तो पता चला कि यह मिकदार बहुत कम है और ज्यादातर लोगों में इससे कमी पूरी नहीं होती। एक रिसर्च के मुताबिक 97.5% लोगों में नॉर्मल लेवल के लिए तकरीबन 8895 यूनिट्स रोजाना लेना जरूरी है। जबकि आम गाइडलाइन सिर्फ 600 यूनिट्स कहती है। सोचिए हम इतनी छोटी मिकदार ले रहे हैं। जबकि असल जरूरत इससे 15 से 20 गुना ज्यादा है। जिसके बारे में हर विटामिन डी3 लेने वाले शख्स को सोचना चाहिए। इसलिए सिर्फ नंबर्स और गाइडलाइंस पर भरोसा मत करें। अपने जिस्म के सिम्टम्स पर तवज्जो देना बहुत जरूरी है। अगर आपको थकावट महसूस होती है, मूड खराब रहता है, हड्डियां और जोड़ों में दर्द रहता है तो यह विटामिन डी3 की कमी की निशानियां हो सकती है। हर शख्स का जिस्म मुख्तलिफ होता है और जरूरत भी अलग होती है। याद रखिए विटामिन डी सिर्फ एक विटामिन नहीं यह आपके मुदाफती निजाम, हड्डियां, जोड़ और पूरे जिस्म के लिए बहुत ही अहम हार्मोन की तरह काम करता है। अगर आप अपनी रोजाना जिंदगी में सिर्फ रिकमेंडेड 600 यूनिट्स पर भरोसा करें तो मुमकिन है सही फायदे हासिल ना हो। इसलिए हमेशा याद रखिए आदाद सिर्फ रहनुमाई के लिए है।