Vitamin A Details

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नमस्कार दोस्तों, द ए के एजुकेशन में आपका स्वागत है। आज हम बात करने वाले हैं कम्युनिटी हेल्थ नर्सिंग में जो वायरल टॉपिक होता है विटामिंस के बारे में। हर एग्जाम में विटामिंस के रिलेटेड क्वेश्चन होते हैं। उसका फंक्शन पूछा जाता है, डेफिशिएंसी पूछा जाता है। डेली रिक्वायरमेंट्स पूछा जाता है। तो हम विटामिनस के सारे विटामिनस के बारे में आज बात करने वाले हैं। तो जो विटामिन होता है उसमें विटामिन ए होता है, बी होता है, सी होता है, डी, ई और के इन सभी के अलग-अलग नाम भी है। विटामिन ए का जैसे रेटिनॉल है। विटामिन बी तो विटामिन बी में भी कई सारे होते हैं बी कॉम्प्लेक्स तो उसमें बी वन बी2 बी3 बी5 बी6 बी7 बी न और बी12 बी12 को साइनोकोबलमाइन ऐसा भी बोला जाता है तो ये सभी दूसरे नाम है ये सारे विटामिन के एक हम स्पेसिफिक वीडियो में पढ़ने वाले हैं तो कंटिन्यू करते हैं तो इतने विटामिन होते हैं ए बी सी डी ई के ठीक है बी1 बी2 बी3 बी5 67 और न और 12 तो हम आगे बढ़ते हैं दोस्तों तो जो इनमें से वाटर सॉलुबल विटामिन ऐसा भी कई बार एग्जाम में पूछा जाता है वाटर सॉलुबल विटामिन कौन से हैं? तो वाटर सॉलुबल का मतलब क्या होता है दोस्तों कि जो वाटर में घुल जाए ऐसे विटामिन कौन से हैं? तो बी कॉम्प्लेक्स जो बी कॉम्प्लेक्स हमने B1, B2, B3, B5, 67 और B9 और B12 यह और विटामिन सी जो सी होता है और ये विटामिन के बी सारे तो बी कॉम्प्लेक्स और विटामिन सी जो पानी में घुल जाते हैं। ठीक है? फिर आता है फैट सॉलुबल। जो यह विटामिन है यह पानी में घुल नहीं सकते हैं। ए बी ई के तो यह याद रखिएगा जो फैट सॉलबल है जो फैट में सॉलुबल होते हैं। ठीक है? फिर आज जो हमने बात की उस तरीके से हम आज बात करने वाले हैं दोस्तों विटामिन ए के बारे में। हम एक-एक करके सारे विटामिंस के बारे में पढ़ेंगे। तो सबसे पहले विटामिन ए के बारे में बात करते हैं। तो उसका दूसरा नाम क्या है? तो पहले विटामिन ए का दूसरा नाम देख लेते हैं। तो उसका दूसरा नाम है रेटनोल। रेटिनोल भी कहते हैं, रेटिाइनोल भी कहते हैं जो एक्टिव फॉर्म में होता है। ठीक है? उसका दूसरा भी नाम है रेटनिक एसिड। ठीक है? रेटिनोइक एसिड जो होता है ये उसका दूसरा नाम है। वो भी एक्टिव फॉर्म में होता है। विटामिन ए। उसका दूसरा नाम क्या है? रेटनोल। ये आप याद रखिए। फिर सोर्स ऑफ विटामिन ए। सोर्स मतलब कि कहां से यह विटामिन हमें मिलता है। हमारी बॉडी के लिए यह जरूर होता है। लेकिन कहां से मिलता है? तो यह देखते हैं। तो सबसे पहले हम एनिमल सोर्स देखेंगे। एनिमल सोर्स मतलब कि जो एनिमल जो होता है उनमें से मिलता है रेटा वो कौन-कौन से हैं? तो पहले लीवर जैसे कि बीफ, चिकन कोड लीवर ऑयल। वहां से विटामिन ए मिलता है। दूसरा आता है दोस्तों एग यॉक जो अंडा होता है उसमें दो पार्ट होते हैं। आपको पता ही होगा। एक योक होता यॉक होता है। तो जो यॉक होता है वहां में से उसमें से भी विटामिन ई मिलता है। फिर आता है डेरी प्रोडक्ट्स। जो सारी डेयरी प्रोडक्ट्स है मिल्क, बटर, चीज एक तरह से वो एनिमल सोर्स होता है डेरी मिल्क। तो डेरी प्रोडक्ट्स होता है मिल्क, बटर और चीज। तो वह उसमें से भी विटामिन ए मिलता है। फिर आता है फिश। एनिमल में जो फिश होती है मछली तो वहां पर भी उसमें से भी विटामिन ए मिलता है। अब हम देखने वाले हैं सोर्स ऑफ विटामिन ए में प्लांट सोर्स। जो प्लांट होते हैं किन-किन प्लांट्स में से विटामिन ए मिलता है? तो उसमें आता है पहला कैरोट्स। कई बार एग्जाम में पूछा जा चुका है। प्लांट सोर्स में जो गाजर होता है कैरेट तो उसमें से हमें मिलता है क्या? विटामिन ए। फिर आता है दोस्तों स्वीट पोटैटो, फिर मैंगो, रेड एंड ऑरेंज, बेल पीपर्स एंड पंपकिनस जो पंपकिन होता है उसमें से भी विटामिन ए मिलता है। तो ये सारे जो थे वो प्लांट सोर्स थे। ठीक है? फंक्शन ऑफ विटामिन ए हमारे शरीर में विटामिन ए की जरूरत क्यों होती है? ठीक है दोस्तों? तो यह बात करते हैं। तो उसमें सबसे पहले विज़ विज़ के लिए जो विटामिन जरूरी होता है वो है विटामिन ए। ठीक है? विज़न के लिए फिर आता है मेंटेन एपिथलेल टिश्यू। तो एपिथल टिश्यू होता है उसको मेंटेन करने के लिए विटामिन ए जरूर जरूरी होता है। फिर आता है प्रमोट नॉर्मल डेवलपमेंट ऑफ बोनस एंड टिश्यू। जो बोन होते हैं हड्डियां और टिश्यू जो मसल्स होते हैं उसका जो प्रमोट करता है डेवलपमेंट के लिए तो वो करता है कौन? विटामिन ए। फिर आता है सपोर्टिंग म्यूकस मेंब्रेन एंड वाइट ब्लड सेल्स। जो वाइट ब्लड सेल्स होते हैं उसका म्यूकस मेंब्रेन उसमें होता है। उसको सपोर्टिंग कौन करता है? विटामिन ए करता है। फिर आता है एंटी इनफेक्टिव रोल। एंटी इनफेक्टिव रोल एक दो बार एग्जाम में पूछा जा चुका है। तो ये विटामिन ए करता है। एंटी इनफेक्टिव रोल। ठीक है? अब डेफिशिएंसी ऑफ विटामिन ए मतलब कि जो विटामिन ए की कमी हो जाए तो क्या-क्या हो सकता है? अब जो हमने फंक्शन देखे उसके विपरीत होंगे। तो जैसे कि विजन प्रॉब्लम विज़न के लिए जरूरी है। अब अगर यह कम हो जाए तो विज़न प्रॉब्लम आ सकता है। फिर आगे देखते हैं तो नाइट ब्लाइंडनेस। नाइट ब्लाइंडनेस हो जाता है। रात को रात में दिखाई देना बंद हो जाता है। फिर आता है ज़ेरोप्थिया। तो ज़ेरोप्थिया क्या होता है? तो ड्राई आइस हो जाती है। जो आंख होती है वो ड्राई हो जाती है। और अगर यह ट्रीट नहीं किया अनट्रीट तो वो ब्लाइंडनेस हो सकता है। ब्लाइंडनेस में कन्वर्ट हो जाता है। ज़ेरोथैलेमिया कहते हैं। फिर है स्किन एंड म्यूकस मेंब्रेन इशू जैसे कि ड्राई स्किन हो जाना, रफ स्किन हो जाना, विटामिन की कमी की वजह से ये होता है। इनक्रीस ससेप्टिबिलिटी टू इनफेक्शन। इनफेक्शन की ससेप्टिबिलिटी बढ़ जाती है। फिर इनक्रीस रिस्क ऑफ इनफेक्शन। इनफेक्शन का रिस्क यहां पर बढ़ जाता है। क्योंकि विटामिन ए जो होता है वो एंटी इनफेक्टिव रोल करता है और वो कम हो जाए तो रिस्क बढ़ जाता है इनफेक्शन का। फिर आता है कंजक्टिवाइटल जेरोसिस। कंजक्टवाइटल ज़ेरोसिस भी होता है, बीट स्पॉट भी होता है और कैराटोमलेशिया होता है। ये दो जो वर्ड है वो हम आगे कम्युनिटी में डिजीज कंडीशन पढ़ेंगे तब इसका पूरा मतलब हम आपको समझाएंगे। बीट स्पॉट क्या होता है? कैराटोमलेशिया क्या होता है? ठीक है? लेकिन अभी आप इतना याद रखिए कि विटामिन ई की डेफिशिएंसी की वजह से यह दो होता है। बीट स्पॉट और कैराटो मलेशिया। ठीक है? अब बात करते हैं दोस्तों डेली रिक्वायरमेंट ऑफ विटामिन ए जो डेली जो एक एडल्ट होता है तो उसको एक दिन में कितना विटामिन ए खाने में लेना चाहिए या पूरे दिन में किसी की सोर्स किसी भी सोर्स से डेली कितना लेना चाहिए तो वो हो वो है 600 टू 700 एमसीजी पर डे एक दिन में 600 से 700 एमसी एमसीजी पर डे लेना चाहिए ठीक है? तो दोस्तों यहां तक रखते हैं। वीडियो अच्छा लगा हो तो लाइक कीजिए। अपने दोस्तों के साथ शेयर कीजिए। अगर नए हो तो सब्सक्राइब कर लीजिए चैनल को क्योंकि हमारे अगले वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक कीजिए और सारे वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक कीजिए। थैंक यू।