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This video is for general informational purposes only. It should not be used to self-diagnose and it is not a substitute for a medical exam, cure, treatment, diagnosis, and prescription or recommendation. It does not create a doctor-patient relationship between Dr. Javaid Khan RPh and you. You should not make any change in your health regimen or diet before consulting a physician and obtaining a medical exam, diagnosis, and recommendation. Always seek the advice of a physician or other qualified health provider with any questions you may have regarding a medical condition.

अस्सलाम वालेकुम। आज बात करते हैं 13 अजीब अलामात की जिनसे जाहिर होता है कि आपके जिस्म में बहुत ही जरूरी विटामिन विटामिन बी12 की कमी है जो खासकर आसाबी सेहत और खून के लाल खुलियों के लिए जरूरी होता है। जिससे पूरे जिस्म में ताकत और आसाबी निजाम ठीक रहता है। तो चलिए पहले इसकी अलामात जानते हैं। फिर इसे जिस्म में पूरा करने का कुदरती तरीका भी जानेंगे। नंबर वन रैपिड हार्ट रेट। पहले नंबर पर दिल की धड़कन का तेज होना है। आपका बोन मैरो डीएनए कॉपी करने और नए रेड ब्लड सेल्स बनाने के लिए विटामिन बी12 का इस्तेमाल करता है। लेकिन जब बी12 कम होता है तो यह खुलिए ठीक से डिवाइड नहीं कर पाते और बहुत बड़े साइज के बन जाते हैं। यही वजह है कि दिल को और ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है ताकि ऑक्सीजन को पुश कर सके। जिसकी वजह से दिल की धड़कन तेज हो जाती है। अगर आपकी रेस्ट में पल्स 100 बीट्स पर मिनट से ऊपर है तो यह B12 की कमी या एनीमिया की तरफ इशारा करती है। ऐसे में डॉक्टर से ब्लड टेस्ट करवाना बेहतरीन रहेगा। नंबर टू ऑलवेज फीलिंग कोल्ड। विटामिन बी12 की कमी की एक बहुत अहम अलामत यह है कि हाथ और पांव हमेशा बर्फ की तरह ठंडे महसूस होते हैं। जब जिस्म में बी12 कम होता है तो खून के लाल खोलिए सेहतमंद नहीं बनते जिसकी वजह से ऑक्सीजन ठीक से नहीं पहुंचती और जिस्म गर्मी पैदा नहीं कर पाता। इसलिए इंसान को एक हद तक ठंड महसूस होती है। चाहे कमरा गर्म ही क्यों ना हो। यह अक्सर लो स्टमिक एसिड या फिर B12 वाली गिजाएं कम खाने की वजह से होता है। नंबर थ्री वर्टिकल रिजेस आर नेल्स। बहुत से लोगों में B12 की कमी की वजह से नाखून पर सीधी-सीधी लकीरें गहरी और ज्यादा नुमाया हो जाती है। यह वर्टिकल रिजेस ज्यादातर उन लोगों में दिखाई देते हैं जो 50 साल से ऊपर के होते हैं क्योंकि उनका स्टमक एसिड कम बनता है और B12 सही तरह से जज्म नहीं हो पाता। जब ऑक्सीजन नाखून तक नहीं पहुंचती तो वह सही से ग्रो नहीं कर पाते। इसमें बेहतरी के लिए बड़ी उम्र के लोग हर दिन थोड़ा एप्पल सिडर विनेगर पानी में डालकर पी के देखें जो बी12 अब्सॉर्ब करने में आसानी करता है। अगर बेहतरी महसूस हो तो जारी रखें। नंबर फोर कास्टेंट फैटीग। चौथे नंबर पे अगर आपको ऐसी थकान महसूस होती है जैसे जिस्म हमेशा नीचे की तरफ खींच रहा हो। सीढ़ियां चढ़ते वक्त भारीपन महसूस हो या छोटी सी ग्रोसरी बैग उठाते वक्त भी मसल्स थक जाते हैं और यह सब तब भी होता है जब आपने पूरी नींद ली हो तो यह बी12 की कमी की निशानी हो सकती है। यह जो बहुत ज्यादा थकान होती है इसका मतलब है आपके खुलियों की एनर्जी फैक्ट्री माइटोकांड्रिया थोड़ी स्लो चल रही है। अगर आप महसूस करते हैं कि रेड मीट खाने से आपकी थकान कम होती है तो इसका मतलब है आपके जिस्म को असल में विटामिन बी12 और आयरन की ज्यादा जरूरत थी जो कुछ पूरी होने से बेहतरी महसूस होती है। नंबर फाइव ब्रेन फॉग। पांचवी खास अलामत सोचने समझने में धुंधलापन होना है जिसे ब्रेन फॉग कहते हैं। यह मसला उन लोगों में ज्यादा पाया जाता है जो प्लांट बेस्ड डाइट पर होते हैं और गोश्त या मछली नहीं खाते। आपको अक्सर उदासी या बोझ महसूस हो सकता है। कोई खास गम भी नहीं होता। बस एक अजीब सा खाली बेजान या नम सा एहसास होता है। आपको सही अल्फाज या आइडियाज ढूंढने में मुश्किल होती है और छोटी सी बात भी ज़हनी तौर पर बहुत मेहनत तलब होती है। कभी-कभी अचानक गुस्सा, रोना या अजीब सी फीलिंग भी आ जाती है। देखिए दिमाग को न्यूरो ट्रांसमीटर्स बनाने के लिए विटामिन B12 चाहिए होता है। जैसे सिरोटोनिन बनाने के लिए होता है। जब B12 कम हो जाता है तो आपका दिमाग सही तौर पर काम नहीं करता और आप जहनी तौर पर अजीब सी हालत महसूस करते हैं। नंबर सिक्स ब्लरीवियन। छठे नंबर पर नजर का धुंधला होना है। B12 आपकी आंख की ऑप्टिक नर्व को प्रोटेक्ट करता है। जब यह कम हो तो नजर कभी ठीक और कभी धुंधली लगने लगती है। खासतौर पर जब आप बहुत थके हुए होते हैं, नजर धुंधली हो जाती है। नजर में सफेद धब्बे या हल्की सी अंधेरे जैसी डिमनेस भी महसूस हो सकती है। नंबर सेवन इलेक्ट्रिक शॉक सेंसेशंस। क्या आप कभी अपने बाजू पर सोते हैं और फिर हाथों में बिजली के करंट जैसी फीलिंग्स होती है? तो यह इसलिए होता है क्योंकि नर्व्स तक ऑक्सीजन थोड़ी देर के लिए रुक जाता है। लेकिन B12 की कमी में आपकी नर्व्स की प्रोटेक्टिव कोटिंग टूटनी शुरू हो जाती है और नर्व्स गलत सिग्नल देने लग जाती हैं। जिसकी वजह से आपको छोटा सा करंट जैसी अजीब सेंसेशन महसूस होती है जो स्किन के अंदर बिजली जैसी लगती है। नंबर एट बैलेंस प्रॉब्लम्स इन द डार्क। आठवीं अलामत अंधेरे में बराबर ना चलना है। जब विटामिन B12 की कमी से नर्व्स की कवरिंग टूटने लगती है तो आपके चलने का तरीका भी बदल सकता है। आपको लगता है आपको अपने कदमों पर भरोसा नहीं है। खासतौर पर अंधेरे में ऐसा महसूस होता है। कभी-कभी आंख बंद करके सीधा खड़ा रहना भी मुश्किल महसूस होता है। यह एक ऐसा मसला है जो आहिस्ता-आहिस्ता B12 की कमी पूरी करने से ठीक हो सकता है। नंबर नाइन, पेल इनर आईलिड्स। आंख की अंदरूनी जिल्द का पीला या सफेद होना। अगर आप अपनी नीचे वाली पलक नीचे खींच कर देखें तो अंदर का हिस्सा हमेशा गुलाबी या सुर्ख दिखाई देना चाहिए। मगर B12 की कमी में खून में हीमोग्लोबिन कम होता है जो खून को लाल रंग देता है। इसलिए अंदर का हिस्सा सफेद या पीला दिखने लगता है। नंबर 10 स्मूथ टंग। जबान का चिकना या चमकीला होना आपकी जुबान हमेशा नए खुलिए बनाती है और इसके लिए B12 बहुत जरूरी है। जब यह कमी होती है तो जुबान चिकनी, चमकीली, सूजन वाली या जलती हुई लगती है। मुंह में छाले या अल्सर भी बढ़ जाते हैं। अच्छी क्वालिटी का बी12 सप्लीमेंट आमतौर पर इन सभी मसाइल को बेहतर कर देता है। नंबर 11 शार्डनेस ऑफ ब्रेथ। अगली अलामत सांस का फूलना है। अगर आपको लगता है कि बात करते हुए आधे जुमले में ही सांस फूल जाती है तो यह B12 की कमी की निशानी हो सकती है। बिना B12 के रेड ब्लड सेल्स कम बनते हैं जिससे ऑक्सीजन आपके वोकल मसल्स तक कम पहुंचती है। इसलिए बात करते वक्त बीच में सांस लेनी पड़ती है। नंबर 12 स्टमक बर्निंग। अगर आपको पेट के नीचे की तरफ जलन महसूस होती है जो खाना खाने से कुछ देर बाद ठीक हो जाती है तो यह अक्सर अल्सर या गैस्ट्राइटिस की वजह से होती है। यह जानना इसलिए जरूरी है क्योंकि अल्सर वाले लोगों में विटामिन बी12 की कमी भी पाई जाती है और हमारा जिस्म उसी डैमेज को ठीक करने के लिए बी12 ज्यादा यूज़ करता है जिसकी वजह से कमी हो जाती है। हाउ टू टेस्ट बी12 डेफिशिएंसी। अब सवाल यह है कि विटामिन B12 कैसे टेस्ट होता है? एक आम टेस्ट होता है सीरम B12 टेस्ट जो हमारे खून में टोटल B12 को चेक करता है। लेकिन यह इतना एक्यूरेट नहीं होता क्योंकि खून में कुछ B12 इनक्टिव होता है और आप डेफिशिएंट हो सकते हैं। चाहे रिजल्ट नॉर्मल ही क्यों ना हो। इससे ज्यादा एक्यूरेट मिथाइल मेलोनिक एसिड टेस्ट होता है। अगर एमएमए हाई हो तो इसका मतलब है आपके खुलियों तक एक्टिव B12 नहीं पहुंच रहा। मतलब इसकी कमी है। कॉजेस ऑफ B12 डेफिशिएंसी। अब विटामिन B12 की कमी होती क्यों है? विटामिन B12 जिस्म में डीएनए बनाने, रेड ब्लड सेल्स बनाने, नर्व्स को प्रोटेक्ट करने, एनर्जी बनाने और बहुत सी चीजों के लिए जरूरी होता है। नौजवानों को रोजाना 1ढ़ से 24 माइक्रो ग्राम B12 फूड से लेना पड़ता है। लेकिन ज्यादातर लोगों में यह जज्ब ही नहीं होता जिसकी वजह से कमी हो जाती है। मॉडर्न रिसर्च के मुताबिक 10 से 30 माइक्रो ग्राम फूड से लेना चाहिए और सप्लीमेंट में 1000 से 5000 माइक्रो ग्राम तक की डोज़ दी जाती है क्योंकि सिर्फ एक से 2% जजब होता है। एस्टीमेट है कि 40% से ज्यादा लोगों में B12 की डेफिशिएंसी है और सबसे बड़ी वजह लो स्टमिक एसिड होती है। यह उन लोगों में कॉमन है जो इसे रिफ्लेक्स के लिए एंटी एसिड्स या प्रोटॉन पंप इनबिटर्स लेते हैं। अगर आप B12 रिच फूड्स जैसे रेड मीट, अंडे या मछली नहीं खाते तो भी कमी हो सकती है। खासकर वेजिटेरियन वीगंस और बुजुर्ग लोगों में कमी हो जाती है। डायबिटीज की दवाई मैट फार्मिन भी B12 को ब्लॉक करती है। रोजाना अल्कोहल पीना भी B12 को बहुत कम कर देता है। और कुछ जींस की वजह से भी जिसे B12 सही यूज नहीं कर पाता जिसकी वजह से कम हो जाता है। हाउ टू करेक्ट B12 डेफिशिएंसी। अब सवाल यह है कि विटामिन B12 को कैसे बढ़ाया जाए? सबसे पहली बात लाल गोश्त को अपनी हिजाब में शामिल करें। हफ्ते में कम से कम दो से चार मर्तबा जैसे बीफ, बकरे का गोश्त या कलेजी खाएं। इसके अलावा सी फूड्स और फैटी फिश भी बहुत बड़े सोर्सेस हैं। और अगर काफी अरसे से कमी है तो जुबान के नीचे रखने वाली गोली लें जो मिथाइल कोबालमीन शक्ल में होती है। रोजाना कम से कम 3000 माइक्रो ग्राम विटामिन बी12 लेना आमतौर पर रिकमेंड किया जाता है। कुछ सप्लीमेंट्स में एडिनोसाइल कोबालमिन भी शामिल होता है जो खुलियों के माइटोकांड्रिया को ज्यादा एनर्जी बनाने में मदद करता है। जिस्म में B12 का जज्ब होना बेहतरीन बनाने के लिए खाने से पहले एक गिलास पानी में एक चम्मच एप्पल सिडर विनेगर मिलाकर पिए। यह आपके मैदे के एसिड को बेहतर करता है जिससे B12 ज्यादा अच्छी तरह हजम और जजब होता है। अगर आपको मैदे का अल्सर या एच पैलोरी का इंफेक्शन है जो B12 को कम करते हैं तो आप बंद गोभी का जूस पिए और जिंक सप्लीमेंट ले सकते हैं। जैसे जिंक कार्नोसिन है जो मैदे की सतह को दोबारा सेहतमंद करने में मददगार साबित होती है। और सबसे जरूरी बात आमतौर पर मार्केट में मिलने वाली सियानो कोबालमीन वाली B12 की गोलियां कभी ना लें क्योंकि यह सस्ती तौर पर सायनाइड और बैक्टीरिया से बनाई जाती है और जिस्म इन्हें ठीक तरह से जजब नहीं कर पाता। हमेशा नेचुरल और बेहतरीन सोर्सेस लें और बेहतरीन किस्म लें जैसे मिथाइल कोबालमिन, एनोसाइल कोबालमीन या हेरोइक्सी कोबालमीन जिससे फायदा ज्यादा होता है। वीडियो यहां तक देखने का और चैनल पे आने का बहुत शुक्रिया। उम्मीद करते हैं वीडियो आपको पसंद आई होगी। अगर वीडियो अच्छी लगी हो तो लाइक और शेयर करें और चैनल पर पहली दफा आए हैं तो सब्सक्राइब करें। इंशाल्लाह मुलाकात होगी अगली वीडियो में। तब तक अपना ख्याल रखिए। अल्लाह हाफिज।