फेफड़े व सांस की नली के रोग।
सर्दी-जुकाम।,नाक-कान के रोग।
हड्डी व दांतों का कमजोर हो जाना।
त्वचा का खुरदरा होना, पपड़ी उतरना।
चर्म रोग, फोड़े-फुंसी, कील-मुंहासे, दाद, खाज।
जांघ व कमर के ऊपरी भाग पर बालों के स्थान मोटे हो जाना।आंखों का तेज प्रकाश सहन न कर पाना, शाम व रात को कम दिखाई देना या अंधा हो जाना गुर्दे या मूत्राशय में पथरी बन जाना।शरीर का वजन घट जाना।नाखून आसानी से टूट जाना।