Self Care to Improve Immunity against Covid-19

।।शरीरमाद्यं खलु धर्मसाधनम्।। -उपनिषद

अर्थ : शरीर ही सभी धर्मों (कर्तव्यों) को पूरा करने का साधन है। अर्थात शरीर को सेहतमंद बनाए रखना जरूरी है। इसी के होने से सभी का होना है अत: शरीर की रक्षा और उसे निरोगी रखना मनुष्य का सर्वप्रथम कर्तव्य है। पहला सुख निरोगी काया।

Esteemed Speaker
A.K. Arun, M.D. (Hom.)
National Award Winner (1989) Public Health Expert & Activist Researcher & Author.