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This video is for general informational purposes only. It should not be used to self-diagnose and it is not a substitute for a medical exam, cure, treatment, diagnosis, and prescription or recommendation. It does not create a doctor-patient relationship between Dr. Javaid Khan RPh and you. You should not make any change in your health regimen or diet before consulting a physician and obtaining a medical exam, diagnosis, and recommendation. Always seek the advice of a physician or other qualified health provider with any questions you may have regarding a medical condition.
अस्सलाम वालेकुम। आज हम बात करेंगे उन बुजुर्ग लोगों के लिए जिनकी टांगे कमजोर हो गई हैं। चलना मुश्किल लगता है या रात को क्रैंप्स और दर्द महसूस होता है। अक्सर लोग समझते हैं कि यह सब सिर्फ उम्र बढ़ने की वजह से होता है। लेकिन असल बात कुछ और है। हकीकत यह है कि टांगों की ताकत कम होने की सबसे बड़ी वजह कुछ ऐसे छुपे हुए विटामिंस की कमी है जो जिस्म के अंदर पट्ठों और नर्व्स को मजबूत बनाए रखते हैं। यह विटामिंस वह कुदरती राज हैं जिन्हें अगर सही वक्त पर लिया जाए तो ताकत वापस आती है। बैलेंस बेहतर होता है और दर्द में वाज़ कमी आती है। साइंस के मुताबिक इन विटामिंस की कमी से 60 साल के बाद गिरने का खतरा तीन गुना बढ़ जाता है। पट्ठों का रिपेयर होना 37% तक स्लो हो जाता है और टांगों में झटकों और क्रैब्स का इमकान 42% तक बढ़ जाता है। यह विटामिन सस्ते, कुदरती हैं और हर रोज के खाने में आसानी से शामिल किए जा सकते हैं। नई रिसर्च यह कहती है कि जो बुजुर्ग इन विटामिंस को रात सोने से पहले लेते हैं, उनकी टांगे ज्यादा मजबूत होती हैं। उनका बैलेंस बेहतर होता है और उनके पट्ठे तेजी से रिकवर करते हैं और साथ में उन्हें सिर्फ कुछ दिनों में फर्क महसूस होता है। तो चलिए बिना देर किए जानते हैं इन तीन खास विटामिंस की पूरी डिटेल। नंबर वन विटामिन B12। यह विटामिन टांगों की ताकत और बैलेंस दोनों के लिए बहुत जरूरी है। खासतौर पर रात के वक्त जब जिस्म सुकून की हालत में होता है और पट्ठे अपने आप को रिपेयर करते हैं। जब जिस्म में बी12 की कमी होती है तो दिमाग और टांगों के दरमियान राब्ता कमजोर पड़ जाता है। आसाबी कमजोरी होती है जिससे थकान, कमजोरी, पांव का सुन हो जाना और गिरने का खतरा बढ़ जाता है। उम्र बढ़ने के साथ खासतौर पर 60 साल के बाद जिस्म को खुराक से बी12 जज करना मुश्किल हो जाता है। इसलिए ज्यादातर बुजुर्गों में इसकी कमी हो जाती है। पहले पांव में हल्की झुनझुनाहट या सुनपन महसूस होता है। फिर चलने में मुश्किल होती है और कभी-कभी टांगों में जलन और क्रैंप्स भी शुरू हो जाते हैं। यह विटामिन हमारी नर्व्स के गिर्द एक हिफाजती तह बनाता है जिसे मलन शीत कहते हैं। जब यह लेयर कमजोर हो जाए तो नर्व सिग्नल सही तौर पर डिलीवर नहीं होते और इससे टांगों की ताकत और बैलेंस दोनों पर असर पड़ता है। साइंस के मुताबिक जिन लोगों के जिस्म में B12 की कमी होती है उनमें गिरने का इमकान 60% तक ज्यादा होता है। ज्यादा कमी की सूरत में सबसे बेहतर B12 का सोर्स मिथाइल कोबालमीन है जो आसानी से जिस्म में जज्ब हो जाता है और काफी सस्ता है। सिर्फ 10 से 14 दिन के अंदर फर्क महसूस होता है। टांगे मजबूत होती हैं। बैलेंस बेहतर होता है और नर्व्स ज्यादा एक्टिव लगती हैं। नंबर टू विटामिन डी3। दूसरे नंबर पर विटामिन डी3 है जो सिर्फ दो हफ्तों में टांगों की कमजोरी कम करके पट्ठों को दोबारा मजबूत बना देता है। अक्सर लोग समझते हैं कि D3 सिर्फ हड्डियों के लिए जरूरी होता है। लेकिन असल में यह पट्ठों और नर्व्स दोनों के लिए बराबर जरूरी है। उम्र बढ़ने के बाद खासतौर पर 60 साल के बाद यह विटामिन जिस्म का सबसे बड़ा सहारा बन जाता है। रात के वक्त जब जिस्म सुकून में होता है तो मसल्स अपना रिपेयर का काम शुरू करते हैं। अगर विटामिन डी3 की कमी हो तो यह पूरा अमल अधूरा रह जाता है। अफसोस की बात यह है कि 70% से ज्यादा बुजुर्गों में D3 की कमी होती है और उन्हें इसका एहसास भी नहीं होता। जब विटामिन डी3 कम हो जाए तो टांगे कमजोर पड़ जाती है। रिकवरी स्लो हो जाती है और गिरने का इमकान बढ़ जाता है। यह विटामिन सिर्फ धूप या कैल्शियम तक मौजूद नहीं बल्कि यह पट्ठों के अंदर नई प्रोटीन बनाने और पुरानी को रिपेयर करने का काम भी करता है। 60 साल के बाद जिस्म का मसल्स बनाने का निजाम सुस्त पड़ जाता है। इसलिए छोटी सी मेहनत भी थकान और दर्द का बायस बनती है। जब विटामिन डी3 कम हो जाए तो टांगे पतली कमजोर और सुस्त लगती है। सबसे पहले रानी फिर पिंडलियां और फिर कूले इसका निशाना बनते हैं। चलना, सीढ़ियां चढ़ना और देर तक खड़े रहना मुश्किल लगता है। 2020 की एक रिसर्च के मुताबिक जिन बुजुर्गों ने रात को विटामिन डी3 लेना शुरू किया 3 महीने में उनमें गिरने का खतरा 34% कम हो गया और ताकत 19% ज्यादा हो गई। विटामिन डी3 सिर्फ हड्डियों को नहीं बल्कि पट्टों के अंदर उन रिसेप्टर्स को एक्टिव करता है जो तवाजुन और कुत बढ़ाते हैं। यह रिसेप्टर्स रात के वक्त सबसे ज्यादा काम करते हैं जब जिस्म में ग्रोथ हार्मोन निकलता है। इसलिए विटामिन डी3 को सोने से पहले लेना सबसे बेहतर वक्त है। यह विटामिन पट्टों की अंदरूनी सूजन को भी कम करता है। अक्सर लोग डी3 सुबह लेते हैं। लेकिन असल फायदा तब मिलता है जब इसे रात को सोने से पहले लिया जाए क्योंकि मसल्स की मरम्मत नींद के दौरान होती है। दिन में उतना नहीं होती। 60 साल के बाद जिल्द धूप से 75% कम डी3 बनाती है। इसलिए सप्लीमेंट लेना जरूरी हो जाता है। बुजुर्ग अफराद के लिए 2000 से 4000 इंटरनेशनल यूनिट्स तक रोजाना रात को लेना बेहतर है। लेकिन डोज़ हमेशा अपने खून के टेस्ट के मुताबिक रखें और इसके लिए ज्यादा जरूरत होती है। हमेशा D3 खाने के साथ लें क्योंकि यह फैट्स में सही जजब होता है। T3 नींद को बिगाड़ता नहीं बल्कि नर्व्स को सुकून देता है और रात के वक्त टांगों के क्रैंप्स कम करता है। यह छोटा सा विटामिन आपकी मसल्स को असल कुत और ताजा एनर्जी वापस देने का सबसे आसान तरीका है। नंबर थ्री विटामिन के2। तीसरे नंबर पे विटामिन के2 है जिसका अक्सर बुजुर्गों ने नाम तक नहीं सुना होता। लेकिन असल में यह उन विटामिंस में से है जो टांगों की ताकत को तेजी से वापस ला सकता है। यह वह सब्ज पत्तों वाली सब्जियों वाला विटामिन के नहीं बल्कि के2 है जो हड्डियों और पट्टों से वह कमी वापस लाता है जो उम्र के साथ आहिस्ता-आहिस्ता होती है। 60 साल के बाद ज्यादातर लोगों के जिस्म में K2 की कमी होती है। इसलिए उनकी टांगे कमजोर, दर्द वाली या बेचैन महसूस होती है। कभी घुटनों से खड़े होते वक्त आवाज आती है। कभी पिंडलियां जल्दी थक जाती हैं। यह सब K2 की कमी की अलामात हो सकती हैं। यह विटामिन असल में कैल्शियम को कंट्रोल करता है। आसान अल्फाज़ में समझिए यह कैल्शियम को उस जगह तक पहुंचाता है जहां उसकी जरूरत होती है। यानी पिंडलियों के अंदर। जब K2 कम हो जाए तो कैल्शियम उल्टा रास्ता पकड़ लेता है। आशीष जॉइंट्स और नरम टिश्यूस में जमा होने लगता है। इससे हड्डियां कमजोर, जिल्द टाइट और पट्ठे दर्द करने लग जाते हैं। विटामिन के2 सिर्फ हड्डियों तक महदूद नहीं यह मसल्स के अंदर उन जींस को भी एक्टिवेट करता है जो ताकत और रिकवरी के जिम्मेदार होते हैं। 2021 की एक रिसर्च के मुताबिक जिन्होंने रोजाना के2 लिया। सिर्फ आठ हफ्तों में उनमें पट्ठों का स्ट्रेंथ 21% बढ़ गया और बैलेंस 31% बेहतर हुआ। सबसे ज्यादा फायदा उन लोगों को मिला जिन्होंने यह विटामिन रात को लिया क्योंकि रात के वक्त हड्डियों और मसल्स दोनों का रिपेयर का अमल सबसे ज्यादा होता है। K2 और D3 मिलकर एक टीम की तरह काम करते हैं। D3 कैल्शियम को खून में भेजता है और K2 उसे सही जगह यानी हड्डियों में जमा करता है। अगर K2 ना हो तो D3 का फायदा उल्टा पड़ सकता है। क्योंकि कैल्शियम गलत जगह जमा होने लगता है और जोड़ों का दर्द बढ़ता है। इसलिए बहुत से बुजुर्ग D3 लेने के बावजूद सूजन और स्टिफनेस महसूस करते हैं। K2 का एक और फायदा यह है कि यह मसल्स को एनर्जी देने के लिए ग्लूकोस के इस्तेमाल में मदद करता है और ऑस्टियोल्सिन नाम के प्रोटीन को एक्टिवेट करके नई हड्डी बनाता है। यह खासतौर पर उन लोगों के लिए जरूरी है जिनमें खून का बहाव सुस्त है या इंसुलिन रेजिस्टेंस है। एजिंग और डिजीजल के मुताबिक जिन्होंने K2 लेना शुरू किया उनका ब्लड शुगर कंट्रोल बेहतर हुआ और चलने का स्टेमिना बढ़ गया। रात को के2 लेने से मसल्स के अंदर ग्लाइकोजन ज्यादा बनता है। जिससे अगले दिन टांगे मजबूत और तवानाई से भरी हुई महसूस होती है। मसला यह है कि आजकल के खाने में केचू बहुत कम मिलता है। यह सिर्फ कुछ खास चीजें जैसे एज््ड चीज है गोश्त और फर्मेंटेड फूड्स में होता है। अगर आप यह चीजें रोजाना नहीं खाते तो सप्लीमेंट लेना बेहतर है। खासतौर पर MK7 फॉर्म में जो सबसे ज्यादा जज्ब होने वाली और देर तक असर करने वाली होती है। MK7 रात भर जिस्म में एक्टिव रहती है और कैल्शियम और मसल्स दोनों को बैलेंस करती है। अगर D3 लेने के बावजूद ताकत वापस नहीं आ रही तो असल मसला छुपी हुई K2 की कमी होती है। अपनी रात की आदत में K2 शामिल करना आपके जिस्म के लिए असल गेम चेंजर साबित हो सकता है। अगर आप चाहते हैं कि बुढ़ापे में भी टांगे मजबूत, स्टेबल और दर्द से आजाद रहे तो सिर्फ विटामिन लेना ही काफी नहीं। उन्हें सही वक्त और सही कॉम्बिनेशन में लेना जरूरी है। यह तीन विटामिंस B12, D3 और K2 मिलकर आपके जिस्म का वो सिस्टम एक्टिवेट करते हैं जो नींद के दौरान रिपेयर और नई एनर्जी पैदा करता है। रात के वक्त जब आप सुकून से सो रहे होते हैं, यह विटामिनस अंदर से नई ताकत बनाते हैं। नर्व्स और मसल्स को मजबूत करते हैं और उन चीजों को दूर करते हैं जो थकान और दर्द का सबब बनती है। इनके इस्तेमाल से सिर्फ टांगे नहीं बल्कि पूरा लोअर बॉडी सिस्टम, जोड़, नर्व्स और मसल्स एक टीम की तरह काम करने लग जाते हैं। यह खून का बहाव बेहतर करते हैं। ऑक्सीजन और गिजा को मसल्स तक पहुंचाते हैं और उन जहरीले कंपाउंड्स को निकालते हैं जो दर्द और कमजोरी पैदा करते हैं। इसलिए जिन्होंने इन तीन विटामिंस को अपनी रात की आदत बना लिया। उनका चलना, उनका बैठना और बैलेंस सब कुछ बेहतर हो गया। अगर आप चाहते हैं कि उम्र बढ़ने के बावजूद भी आपकी टांगे आपका साथ ना छोड़ें तो इन विटामिंस को रात के वक्त अपनी जिंदगी का हिस्सा जरूर बनाएं। चैनल विजिट करने का और वीडियो यहां तक देखने का बहुत शुक्रिया। वीडियो अच्छी लगी हो तो लाइक और शेयर करें और चैनल पर पहली दफा आए हैं तो सब्सक्राइब करें। इंशाल्लाह मुलाकात होगी अगली वीडियो में। अल्लाह हाफिज।